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मुख्यमंत्री ने मात्र सवा महीने में ही अपना वादा निभाया
कोरोना महामारी से अनाथ हुई बालिका शिखा और बालक चिराग ठाकुर से की प्रत्यक्ष मुलाकात
इंदौर. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना महामारी से अनाथ हुई बच्ची शिखा और उसके भाई चिराग ठाकुर से किया गया वादा मात्र सवा महीने में ही पूरा किया । मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित संवाद कार्यक्रम में इन बच्चों से प्रत्यक्ष मुलाकात की और चर्चा कर उनके अनुभव सुने। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गत 19 जुलाई को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया वादा निभाया। ज्ञात रहे कि गत 19 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के चयनित बच्चों से चर्चा की थी और उनकी समस्याएं सुनी थी और उनके खातों में पांच-पांच हजार रूपये प्रतिमाह की सहायता राशि खातों में अंतरित की थी। इन्हीं में उक्त दोनों बच्चे भी इंदौर से शामिल थे।
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने उस दिन दोनों बच्चों से बात की थी और कहा था कि मैं शीघ्र ही आप लोगों से मुलाकात करूंगा। मुख्यमंत्री जी से प्रत्यक्ष रूप से इतनी जल्दी मुलाकात होगी इसका विश्वास इन बच्चों को नहीं था। आज मुख्यमंत्री जी से मुलाकात कर यह दोनों भाई-बहन अपने सुरक्षित भविष्य के प्रति आश्वस्त हो गये हैं। चिराग ठाकुर 14 वर्ष का है तथा वह कक्षा 9वीं में अध्ययनरत है। वह ग्रीन फिल्ड स्कूल में पढ़ाई कर रहा है। इसकी फीस भी माफ कर दी गई है। इसी तरह बहन शिखा ठाकुर 18 वर्ष की है तथा 12 कक्षा उत्तीर्ण की है। वह अभी जेईई की परीक्षा दे रही है। वह स्वयं सेना में भर्ती होना चाहती है तथा भाई को सीए बनाने की इच्छा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जी ने इन बच्चों के जज्बे की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसा जज्बा अन्य बच्चों में भी दिख रहा है। अगर उन्हें सहायता दी जाती रहेगी तो वह निश्चित ही आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की पहल पर लागू की गई मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना का लाभ इन दोनों बच्चों को मिल रहा है। इससे इन दोनों बच्चों को प्रतिमाह पांच-पांच हजार रूपये की राशि मिल रही है। खाद्यान के लिये भी प्रकरण स्वीकृत कर दिया गया है। शीघ्र ही इन्हें राशन भी नि:शुल्क मिलने लगेगा। भविष्य में इन बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च भी राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। बताया गया कि शिखा ठाकुर अपने भाई के साथ अभी वर्तमान में स्थानीय अभिभावक बंसत कुमार छाजेड़ के घर जानकी नगर में रह रही हैं। इनके माता-पिता की गत अप्रैल माह में कोरोना महामारी से मृत्यु हो गयी थी।
कार्यक्रम में आज उक्त बालिका शिखा ठाकुर ने संबोधित करते हुये अनुभव साझा किये और बताया कि मुख्यमंत्री जी द्वारा लागू की गई कोविड बाल सेवा योजना का उन्हें लाभ मिल रहा है। शासन प्रशासन के प्रयासों, मिल रही सुविधाओं तथा संरक्षण से माता-पिता की कमी महसूस नहीं हो रही है। हम मुख्यमंत्री जी और इंदौर के कलेक्टर को अपने अभिभावक के रूप में ही देख रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना से अनाथ हुए बच्चों के लिए बहुत ही अच्छी योजना लागू की गई है। हमने आवेदन किया और चंद दिनों में ही इस योजना का लाभ मिलने लगा। जीवन में इस योजना से हमें आगे बढ़ने के लिए अच्छे अवसर मिलेंगे। इस बालिका ने कलेक्टर श्री मनीष सिंह के प्रयासों की सराहना की और कहा कि उन्होंने हमारी देखरेख के लिए पालक और सहायक पालक अधिकारी को नियुक्त किया है जो हम से नियमित संपर्क में रहकर हमारी देखरेख कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उक्त बच्चों को गले लगा कर सांत्वना दी और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।


